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मोरारजी देसाई के बहाने कांग्रेस पर मोदी का हमला

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को रेडियो पर प्रसारित अपने मासिक कार्यक्रम ‘मन की बात’ में देशवासियों को संबोधित करते हुए आपातकाल के बाद पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के कार्यकाल में देश के लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए किये गये संविधान संशोधन के बहाने कांग्रेस पर तीखा हमला किया है. मोदी ने कांग्रेस का नाम लिये बिना कहा कि उसकी सरकार ने आपातकाल के दौरान संविधान में 42वाँ संशोधन कर उच्चतम न्यायालय की शक्तियों को कम किया था और साथ ही लोकतंत्र की मजबूती के लिए स्थापित दूसरे ऐसे कई प्रावधानों को हटाया था. लेकिन श्री देसाई ने अपने कार्यकाल के दौरान 44वाँ संविधान संशोधन लाकर देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को फिर से मजबूत करने का अहम काम किया था.


सांकेतिक तस्वीर (साभार ; इंटरनेट )

देसाई काे उनके जन्मदिन 29 फरवरी पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए मोदी ने कहा कि स्वतंत्र भारत में संसद में सबसे अधिक बजट पेश करने का रिकार्ड भी देसाई जी के नाम है. वे बहुत सहज तथा शांतिप्रिय व्यक्तित्व के धनी थे और देश के सबसे अनुशासित नेताओं में से एक थे. इस महान नेता ने संविधान संशोधन कर यह सुनिश्चित किया था कि 1975 में आपातकाल लागू कर जिस प्रकार लोकतंत्र की हत्या हुई उसे भविष्य में दोहराया ना जा सके. भारतीय लोकतंत्र के महात्म्य को बनाए रखने में उनके इस अमूल्य योगदान को आने वाली पीढ़ियाँ हमेशा याद रखेंगी.

प्रधानमंत्री ने कहा कि देसाई जी ने लोकतंत्र की रक्षा के लिए आपातकाल के खिलाफ आन्दोलन में खुद को झोंक दिया था. जिसकी भारी कीमत उन्हें वृद्धावस्था में चुकानी पड़ी. उस समय की सरकार ने उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. लेकिन 1977 में जब जनता पार्टी चुनाव जीती और वह देश के प्रधानमंत्री बने तो 44वें संशोधन के जरिये संसद और विधानसभाओं की कार्यवाही का समाचार पत्रों में प्रकाशन का प्रावधान किया गया था. इसी के तहत उच्चतम न्यायालय की शक्तियों को बहाल किया गया. उन्होंने कहा कि देसाई की सरकार में किया गया यह असाधारण संशोधन था जिसमें यह भी प्रावधान किया गया था की संविधान के अनुच्छेद 20 और 21 के तहत मिले मौलिक-अधिकारों का आपातकाल के दौरान भी हनन नहीं किया जा सके. पहली बार ऐसी व्यवस्था की गयी कि मंत्रिमंडल की लिखित अनुशंसा पर ही राष्ट्रपति आपातकाल की घोषणा करेंगे और साथ ही यह भी तय किया गया की आपातकाल की अवधि को एक बार में छह महीने से अधिक नहीं बढ़ाया जा सकता है. #modi #morarjidesai #congress

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