• Newziya

एक अजनबी आशिक़ की कहानी जो न्यूज़िया ने खून की जगह स्याही से लिख डाली!

एक प्रपोज़ल ऐसा भी.....


एक प्रपोज़ल ऐसा भी.....



नैन्सी नाम था उसका। बड़ी हसीं लड़की थी।

बचपन से हॉस्टल में ही बड़ी हुई थी। आधे भूरे बिखरे बाल, नशीली आंखों को कैद करता मोटा काजल और दुनिया की नानी बनती उसकी लम्बी सी नाक थी। बहुत प्यारी थी वो। बिहारी बोलती थी मुझे,मैं उससे कहता

"इलाहाबाद बिहार में नहीं है" तो कहती "नोयडा पार सब बिहारय है।" और मैं उसके आगे सरेंडर कर देता!!!!


जब मुझसे मिली तो पीएचडी का आख़िरी साल था उसका। उसे देखकर मैं "नैनसी नैनसी टेक इट ईजी पॉलिसी" गाना गाने लगता और वो "पागल" कह के हँसने लगती। दारू की बहुत शौकीन थी। अपने रूम में एक छोटी सी फ्रिज़ ख़रीद रखी थी उसने। स्पेशल बियर रखने के लिए। हेनिकेन फेवरेट ब्रांड था उसका।


जब ख़ूब पी लेती तो मुझे कॉल करके प्रपोज़ करती "शादी करोगी मुझसे?" और मैं कहता सुबह दारु उतरने के बाद पूछना। तो पलट के बोलती कि "सौरभ भी यही बोलता है" तो मैं पूछता "सबको शादी के लिए प्रपोज़ करती फिरती हो क्या?" तो "हाँ मैं रोज़ प्रपोज़ डे मनाती हूं" कहकर हँसने लगती।


Happy Propose Day


दिन भर की थकान शाम को उससे बात करके ख़त्म हो जाती। धीरे धीरे हम दोनों को एक दूसरे की आदत होने लगी थी। हम बार में साथ पीते और पीने के बाद तो भाई साहब वो कोहली हो जाती। सबको गरियाती। बिना बात गरियाती।


एक किस्सा याद है मुझे, उसने साथ वाली टेबल पर बैठी एक लड़की को बिच बोल दिया था। उसका बॉयफ्रेंड सोबर था तो मैंने संभाल लिया। इसके बाद तो उसने हद ही कर दी। मेंस वाशरूम में जाकर सबको मिडिल फिंगर दिखाकर हँसने लगी। इससे पहले की बार वाले मार मार के हम दोनों को भगाते उसे ज़ल्दी से लेकर भाग निकला था मैं।


फिर सर्वना में साउथ इंडियन खाकर बोली चाय पीनी है। चाय पीती हुई बोली "तुम सच में मुझसे शादी नहीं करोगे?" हमने कहा "होश में पूछना".... फिर उसको हॉस्टल छोड़ने निकल आया। कुछ दिन बाद उसकी शादी तय हो गयी। लड़का दिल्ली में ही पोस्टेड था, मेरे ही दफ़्तर के आस पास कहीं, नार्थ ब्लॉक, सेंट्रल सेक्रेट्रिएट। उसको भी एक्जै़क्ट नही पता था।


इंगेज़मेंट के बाद दारू पीकर कॉल किया उसने और फिर पूछा "शादी करलो हमसे वरना उस लल्लू से हो जाएगी" मैंने फिर से हंसते हुए कहा "लल्लू से ही कर लो। हमें नहीं करनी शादी" शादी का कार्ड देने आई थी। बोली आना ज़रूर। 8 फ़रवरी को होगी मेरी शादी प्रपोज़ डे वाले दिन उस दिन आख़िरी मौका दूंगी प्रपोज़ल एक्सेप्ट करने का।

मैंने हंसते हुए कहा था "मेरे बॉस की भी शादी उसी दिन है तो मुझे वहां जाना होगा स्टाफ के साथ। बॉस की शादी का तो कार्ड भी नही देखा था मैंने, बस ये सोचा कि उस रात घर पर दबाकर दारू पीनी है। और याद करा दिया कुंआर रहलू फुल वॉल्यूम पर सुनना है।


शादी वाली शाम ब्यूटीपार्लर से तैयार होकर वीडियो कॉल करके बोली

"हैप्पी प्रपोज़ डे , देखो तगड़ी लग रही हूं न?? अभी भी टाइम है.. करोगे शादी मुझसे?"

ये सुनते ही मेरे दिल की खुशी मुस्कान बनकर होंठों पर तैर जाना चाहती थी लेकिन उसे छिपाते हुए मैंने आश्चर्य से पूछा था "होश में तो हो?"

उसने उतने अल्हड़पन से कहा "पहली बार......सोच लो"

"इतने दिन से डोरे डाल रहे तुमपर, पिछले तीन साल में तीस बार प्रपोज़ कर चुकी हूं। तुम्हें समझ नहीं आ रहा?"


फिर क्या था जिस दिन उसकी शादी थी उसी दिन एहसास हुआ के प्यार तो हम भी करते हैं उससे।


ना आव देखा ना ताव। पहुंच गए और लेकर भाग गए।

मुझे नहीं मालूम ज़िगरा कहां से बटोरे थे लेकिन प्रपोज़ल एक्सेप्ट कर लिया था उस दिन।

आर्य समाज मंदिर में शादी हमने की और अपने घर ख़बर कर दी। पिता जी ज़बराट आदमी थे तो कहे "अब कर ही लिए हो तो जो होगा देखा जाएगा। छुट्टी लेकर घर आ जाओ"


पिताजी फिर मामला सुलटा ले गए। वापस ऑफिस ज़्वाइन किया तो नैन्सी को भी दफ़्तर लेकर गया। शादी की ख़बर अचानक पाकर दफ़्तर हैरान हो गया। सबसे ज़्यादा हैरान हुआ मेरा बॉस।


जी हाँ नैन्सी की शादी उसी बनबिलरा से तय हुई थी और अब हमारी पोस्टिंग अंडमान निकोबार में है।


लेखक- अज़नबी आशिक़


#हैप्पीप्रपोज़डे #Newziya #Proposeday #Valentinesweek

©Newziya 2019, New Delhi.