• Vishwajeet Maurya

कोरोना के कहर के बीच गांवों में फैलती अफवाहों का दौर!

कोरोना के कहर के बीच गांवों में फैलती अफवाहों का दौर


जिस तेजी से पूरे विश्व में कोरोना का प्रकोप जारी है, उसी तेजी से देश के गांवों में अफवाहें भी फ़ैल रही है. बीमारी के इस दौर में अन्धविश्वास अपने चरम पर है. देश तरक्की कर रहा है. हम मंगल पर पहले ही अपनी उपस्थति दर्ज़ करा चुके हैं. वहीं दूसरी तरफ हम चन्द्रमा पर भी कदम रखने के करीब है. गांवों में अभी भी बड़े पैमानें पर अंधविश्वास व पाखंड ने अपने जगह बनाई हुई है.

निश्चित तौर पर हम इस बीमारी से लड़ रहे हैं. पूरे विश्व में जिस तरह की परिस्थितियाँ बनी हुई हैं उन्हें देखते हुए हमें ढेर सारी सतर्कता बरतनी है. पूरे देश में लॉकडाउन जैसी स्थिति है. हम इस बीमारी की स्टेज-3 तक पहुँच गए हैं. इस स्टेज में जितना ज्यादा हो सके लोग अपने घरों में रुके तो उतना ही बेहतर हमारे और हमारे देश के लिए होगा.

इन सब के बीच व्हाट्सएप के ग्रुप्स और लोगों के बीच अफवाह जंगल में आग की तरह फ़ैल रही है. ऐसी अफवाहों से खुद को दूर रखे और आस-पास में इन अफवाहों को बल देने वाले लोगों को समझाएं कि इन सब से कुछ नहीं होता है. गांवों में कुछ लोग झाड़-फूंक और तंत्र विद्या का हवाला देकर लोगों से 1000-500 रुपये लेकर कोरोनावायरस से बचने वाले ताबीज़ और तरह-तरह की जड़ी-बूटियाँ लोगों को दे रहे है. ऐसे लोगों से बचे और इनकी जानकारी पुलिस प्रशासन को दें.

बीमारी के बारे में फैली तरह-तरह की बातें भी लोगों में डर का माहौल बना रहा है. ये भेड़-चाल का दौर है, जिसमें लोगों को जो सुनाई पड़ रहा है वह बस होते ही जा रहा है. अफवाहें भी ऐसी कि विज्ञान में विश्वास रखने वाले लोगों में आश्चर्य हो जाए कि क्या ऐसा कुछ करने से कुछ होगा भी ?


1: कुएं में 5 बाल्टी पानी डालने की अफवाह

ऐसे दौर में जब प्रधानमन्त्री सामने आकर लोगों से हाँथ जोड़कर अपील कर रहे हैं कि संकट बहुत ही गंभीर है, सभी लोग घरों में रहे तो वहीं गाँव में एक अफवाह ने जन्म ले लिया कि “अगर शाम के समय में महिलाएं 5 बाल्टी पानी कुएं में डाले तो यह मुश्किल टल सकती है”. मैंने इस विषय में उन महिलाओं के समूह में एक से बात की तो उन्होंने बताया कि “उनकी सास ने उन्हें यह बताया था कि जब भी कोई महामारी फैले तो वह ऐसा कर के उसके प्रभाव को कम कर सकती है. मैंने इस सब के पीछे उनसे किसी वैज्ञानिक कारण के बारे में पूंछा तो उन्होंने कहा कि इस बारें में उन्हें तो नहीं पता!


खैर जो भी हो पर ऐसे गंभीर संकट के बीच भी लोग इस तरह की अफवाहों पर गौर कर रहे हैं. इस के बारे में जब मैंने वहां मौजूद कुछ व्यक्तियों से बात की और उनसे कहा कि, क्या आपने, अपनी घर की महिलाओं को यह नहीं बताया कि यह महज एक कोरी अफवाह है और कुछ भी नहीं! तब उन्होंने कहा कि, “अब इनको जो करना है वह तो करेंगी ही, समझाएं हैं पर माने तब न! कहती है कि यह सब आप के लिए और अपने बच्चों के लिए कर रहीं हैं. ये बिना सिर-पैर की झूठी बातें हैं, इन सब से दूर रहें. आप सब अपने घरों पर रहें, इन सब से कुछ नहीं होता.


2: पैसे मांग कर चूड़ियाँ पहनाने की अफवाह

गांवों में में एक और अफवाह है कि 1 बच्चे की मां अगर घूम-घूम कर लोगों से पैसे मांगे और उन पैसों से 12 चूड़ियाँ खरीद के 2 से ज्यादा बच्चों की माँ के दोनों हांथों में 6-6 चूड़ी पहना दे तो कोरोनावायरस नहीं फैलेगा. ये सफ़ेद झूठ है और बेहद खतरनाक भी. जिस समय लोगों से घरों में रहने की अपील की जा रही है, उस समय इन सब बातों को बंद आँखों से मानना खतरनाक है. आप इन झूठी बातों से बचें और घर पर रहें.


3: पत्थर बन जाने की अफवाह

पश्चिमी उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड के निचले शहरी क्षेत्रों और गांवों में लोगों से अपील की जा रही है वह रात में जागते रहें नहीं तो वह पत्थर के बन जाएँगे. उनसे कहा जा रहा है कि, आप सब रात में 12 बजे से सुबह 4 बजे के बीच तो कतई न सोएं वरना पत्थर के बन जायेंगे. कहीं –कहीं ये भी कहा गया कि अगर आप इस समयावधि की बीच (रात में 12 बजे से सुबह 4 बजे) सो जाएगें तो आपको कोरोना हो जाएगा.

किसी ने कहा कि “सहारनपुर के एक परिवार का सभी लोग पत्थर बन गए तो किसी ने कहा कि बागपत में एक गाँव के लगभग आधे लोग पत्थर में तब्दील हो गए.” हालांकि बाद में ऐसी अफवाहों को संज्ञान में लेते हुए पुलिस ने कार्यवाही करते हुए मेरठ में सात लोगों को गिरफ्तार भी किया है.


4: रामचरितमानस के बाल काण्ड में बाल निकलने की अफवाह

रायबरेली, कानपुर व पूर्वी उत्तरप्रदेश के इलाकों में यह अफवाह है कि रामचरितमानस के बाल काण्ड में बाल निकल रहें हैं जो कि विनाश का संकेत हैं. कहा गया कि इस आपदा से बचने के लिए बालकाण्ड में निकले बालों को गंगाजल में मिलाइए और परिवार के हर सदस्य को पिलाइए तो संकट कट जाएगा. इसकी जांच के लिए मैंने स्वयं रामचरितमानस के बाल काण्ड को खंगाल डाला पर ऐसा कुछ नहीं मिला.



5: दिए जलाने का अंधविश्वास

मध्य-पूर्वी उत्तर प्रदेश के इलाकों में यह अफवाह चल रही है कि परिवार के सदस्यों की संख्या के बराबर यदि घर के बाहर दिए जला दिये जाएं तो कोरोनावायरस नहीं फैलेगा. कई इलाकों में तो इस अफवाह को खासा बल मिल रहा है, जिसके कारण कई जगहों पर दीपावली जैसा माहौल बन गया है.


6: सब लोग घर पर रहें, हवाई जहाज से दवाई छिड़की जाएगी

यह अफवाह जनता कर्फ्यू के दिन से खासा चर्चित रही. लोगों से कहा गया कि वे सब अपने घरों से बाहर न निकलें और छतों पर न जाएँ, क्योंकि आज के बाद रोज सरकार, हवाई जहाज से दवा छिड़कने का काम करेगी. इस अफवाह नें पढ़े-लिखे लोगों के माथे पर भी बल डाल दिए हालांकि बाद में प्रशासन ने लोगों को बताया कि ऐसा कुछ भी नहीं होने वाला है.

आप सब इन बातों को न मानें, यह महज अफवाहें हैं, इन सब के चक्कर में आप खुद को जोखिम में डाल सकते है. आप सब अपने घरों में रहें. मास्क लगाएं. हांथों को सैनिटाईजर से धोते रहें. यह वैश्विक आपदा है. हमें इस से मिल कर लड़ना है और जीतना है.

घरों पर रहें, सुरक्षित रहे.


-Govind Pratap Singh

0 views

©Newziya 2019, New Delhi.