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अब भारत में भी एक कॉल पर मिलेगी तत्काल सहायता

Updated: Apr 5, 2019

आनन्द श्रीवास्तव

अक्सर हम हॉलीवुड फिल्मों में देखते हैं कि किसी एमरजेंसी में लोग 911 पर कॉल करते हैं। कहीं आग लगी है कॉल 911, कहीं दुर्घटना हो गई है कॉल 911।

हमें सुनने में बड़ा अच्छा लगता है कि तीन अंक पर कॉल करते ही फट्ट से सहायता पहुंच जाती है। 2009 से लेकर 2011 तक डिस्कवरी पर एक प्रोग्राम भी आता था "कॉल 911"। जिसमें 911 पर कॉल करने पर आगे प्रशासन कैसे सहायता करता है यह दिखाया जाता था।

दरअसल 911 अमेरिका की एक आपात सुविधा प्रणाली का संपर्क सूत्र है। जहां कॉल करने पर आपकी परेशानी से नज़दीकी पुलिस , अग्निशमन विभाग या आपातकाल स्वास्थ्य सहायता केंद्र को अवगत कराया जाता है।

इस सरकारी सेवा का ध्येय वाक्य है - "Stop a crime! Report a fire! Save a life!" यानी अपराध रोकना, आग की ख़बर करना, और जान बचाना।



Emergency Number

अब ऐसी ही सुविधा अपने भारत में शुरू होने जा रही है।

अपने यहां एमरजेंसी नंबर होगा- 112


गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने आज इस सिंगल एमरजेंसी नंबर को ज़ारी करते हुए कहा कि "यह आपातकाल में लोगों के लिए बहुत सहायक सिद्ध होगा। अगले साल तक इसकी सुविधा पूरे देश को मिलने लगेगी। इससे किसी भी प्रकार की परेशानी में फंसे व्यक्ति की तत्काल सहायता की जाएगी। 112 डायल करते ही आप तक सहायता पहुंचाई जाएगी। 112 प्री प्रोग्राम्ड सुविधा है।"


112 पूरे भारत के लिए एकल आपातकालीन सहायता नंबर है। इसे Emergency Response Support System (ERSS) के तहत ज़ारी किया गया है।


इस नंबर की सुविधा प्राप्त करने के लिए आप 112 डायल कर सकते हैं या आप अपने मोबाइल की पावर बटन तीन बार ज़ल्दी ज़ल्दी दबाकर एमर्जेंसी रिस्पांस सपोर्ट सिस्टम को पैनिक कॉल का संदेश भेज सकते हैं।

यदि आपके पास स्मार्टफोन नहीं है। आप फ़ीचर फोन यानी की पैड वाला साधारण फ़ोन प्रयोग कर रहे हैं तो आप "5" या "9" बटन दबाकर पैनिक कॉल फंक्शन को शुरू कर सकते हैं।


112 को ज़ारी करने का उद्देश्य फिलहाल के लिए एक ही नंबर पर पुलिस (100), अग्निशमन विभाग (101) और महिला सुरक्षा हेल्पलाइन (1090) की सुविधा प्रदान करना है।

इसमें शीघ्र ही स्वास्थ्य सेवा (108) को भी जोड़ा जाएगा।


यह आपातकालीन सहायता नंबर आज आंध्र प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, केरल, गुजरात, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना, तमिलनाडु, पुद्दुचेरी, लक्ष्यद्वीप, अंडमान, दादर नगर हवेली, दमन - दीव और जम्मू कश्मीर में ज़ारी किया गया है।

आपातकालीन सहायता नंबर ज़ारी करने में हिमाचल प्रदेश पहले स्थान पर है। हिमाचल प्रदेश में यह सुविधा नवंबर 2018 में ही शुरू कर दी गई है।

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