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उत्तर प्रदेश को 21 जनवरी से फिर भिगो सकती है बारिश, उससे पहले कड़ाके की ठंड से शीतलहर के आसार

उत्तर प्रदेश में सर्दियों में आमतौर पर इतनी बारिश नहीं होती जितनी हाल के दिनों में देखने को मिली है। कह सकते हैं कि नया साल उत्तर प्रदेश के लिए काफी उत्साहजनक रहा है, खासतौर पर बारिश के संदर्भ में, क्योंकि जनवरी में अब तक है राज्य की राजधानी लखनऊ समेत अनेक शहरों में भारी वर्षा रिकॉर्ड की गई है। हालांकि जिन मौसमी सिस्टमों के चलते राज्य में बारिश की गतिविधियां बीते 3 दिनों में लगातार हुई हैं, वह सिस्टम निष्प्रभावी हो गए हैं। अब अगले 48 घंटों तक उत्तर प्रदेश के लगभग सभी जिलों में मौसम साफ और शुष्क रहने के आसार हैं। इस दौरान ठंडी उत्तर पश्चिमी हवाएं चलेंगी जिससे उत्तर प्रदेश के ज्यादातर शहरों में न्यूनतम तापमान में गिरावट आएगी।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार 21 जनवरी से फिर से पूर्वी आर्द्र हवाएं राज्य पर पहुंचेगी और पंजाब से पूर्वी उत्तर प्रदेश तक एक ट्रफ बनेगी। इस बदलाव के कारण उत्तर प्रदेश के तराई वाले जिलों में 1-2 स्थानों पर हल्की वर्षा फिर से शुरू होगी। राज्य के उत्तर पश्चिमी जिलों में तेज बारिश की भी संभावना उस दौरान रहेगी। हालांकि यह पिछले दिनों हुई बारिश जितनी नहीं होगी और यह सिस्टम कुछ ही समय में कमजोर हो जाएंगे। अनुमान है कि 22 जनवरी से फिर से उत्तर प्रदेश के शहरों में मौसम साफ हो जाएगा और ठंडी उत्तर पश्चिमी हवाएं चलने शुरू होंगी। आगामी बारिश के स्पेल को इस महीने की बारिश का आखिरी स्पेल माना जा रहा है। 22 जनवरी के बाद कोई सक्रिय सिस्टम उत्तर प्रदेश को प्रभावित करता हुआ दिखाई नहीं दे रहा है और ना ही उत्तर भारत में कोई सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ आ रहा है। यानी उत्तर प्रदेश में जनवरी का बाकी समय शुष्क और साफ मौसम के बीच बीतेगा।

इस दौरान न्यूनतम तापमान में लगातार गिरावट आएगी जाहिर है कड़ाके की ठंड का सामना जनवरी तक करना पड़ेगा। -Vishwajeet