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पश्चिमी उत्तर प्रदेश से गिरफ़्तार किए गए संदिग्धों से पूछताछ जारी

अब तक की पूछताछ में हुए हैं नए ख़ुलासे !


पूछताछ करते हुए उत्तर प्रदेश के डीजीपी एवं अन्य अधिकारी

शुक्रवार को देवबंद से गिरफ़्तार किए गए दोनों संदिग्धों से यूपी एटीस ने रविवार को भी पूछताछ जारी रखी. उत्तर प्रदेश (यू.पी.) के डीजीपी ओपी सिंह ने अपने दफ़्तर में रविवार को संदिग्ध शाहनवाज़ से 4 घंटे पूछताछ की. जिसमें कई चौकाने वाले ख़ुलासे हुए. हाल ही में हुए पुलवामा हमले से जुड़े सुराग भी मिले हैं. गिरफ़्तार किए गए दोनों संदिग्ध आक़िब अहमद और शाहनवाज अहमद तेली की मोबाइल फोन जाँच में पता चला कि इनके पास बीबीम के फ़ोन थे और यह लोग 'वर्चुअल' नम्बर का इस्तेमाल करते थे. तहक़ीकात में यह भी सामने आया है की इनके स्मार्टफोन में ऐसे एप्लीकेशन थे जो कि गूगल प्लेस्टोर पर मौजूद ही नहीं है. इन एप्लीकेशन के ज़रिए ही ये लोग अपने बाक़ी साथियों से सम्पर्क करते थे.

आतंकियों के इस संगठन, मॉड्यूल और अन्य सदस्यों के बारे में भी तमाम बड़े सुराग यूपी एटीस के हाथ लगे हैं. जानकारी के मुताबिक एटीस छापेमारी और गिरफ्तारीयां और भी कर सकती है. एटीस दोनों संदिग्धों के मोबाइल मैसेज खंगाल रही है. जिसमें किसी बड़ी वारदात और हथियारों के बारे में कई बड़े अहम सुराग सामने आए हैं. इस मामले को लेकर यूपी के डीजीपी ने जम्मू-कश्मीर के डीजीपी दिलबाग सिंह से भी बातचीत की है.

पुलवामा हमले से जुड़े तार

यूपी एटीस ने बताया कि दोनों संदिग्धों में से एक संदिग्ध आक़िब पुलवामा का रहने वाला था. जबकि दूसरा शाहनवाज़ अहमद कुलगाम का रहने वाला था. यही कारण है कि पुलवामा हमले से इनके तार जुड़े होने का शक पुलिस की ओर से जताया गया है. डीजीपी की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक़ संदिग्ध शाहनवाज़ का काम आतंकियों की भर्ती करना और उनका ब्रेन वाश करना था. साथ ही शाहनवाज़ को ग्रनेड एक्सपर्ट भी बताया जा रहा है.


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