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"मोदी याद रहे न रहे देश के करोड़ों लोगों की वीरता अमर रहनी ही चाहिए"- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी


राष्ट्रीय समर स्मारक साभार : NBT

जानिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रीय समर स्मारक की उद्घाटन सभा में क्या क्या कहा

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रीय समर स्मारक की उद्घाटन सभा को संबोधित करते हुए कहा कि " सेना को मज़बूत करने की बात हो या फिर शहीदों का सम्मान करने की हमने किया है। कुछ लोगों के लिए देश से भी बड़ा अपना परिवार और पारिवारिक हित है। आज देश को राष्ट्रीय समर स्मारक मिलने जा रहा है लेकिन राष्ट्रीय पुलिस मेमोरियल की भी यही कहानी थी। इस मेमोरियल को बनाने और राष्ट्र को समर्पित करने का सौभाग्य भी हमें ही मिला। आख़िर वह कौन सी वज़ह थी कि इसके पहले शहीद के स्मारक पर किसी का ध्यान नहीं गया? इंडिया फर्स्ट और फैमिली फर्स्ट का अंतर ही इसका जवाब है। हर जगह हम देखते आ रहे थे एक ही परिवार का नाम रहता था। एक ही परिवार के गुणगान का परिणाम यह निकला कि भारत का इतिहास , इसकी महानता को कभी महत्व मिला ही नहीं, सरकार में आने के बाद हमने स्थिति बदली है। बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर, सुभाष चन्द्र बोस, सरदार वल्लभ भाई पटेल सबको सम्मान मिला है। मोदी महत्वपूर्ण नहीं है। इस देश की सभ्यता संस्कृति इतिहास सबसे ऊपर है।"


इतना ही नहीं मोदी ने खुद को भाग्य विधाता समझने वालों पर सेना के अधिकारों से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सेना ने 2009 में ही बुलेटप्रूफ जैकेट की मांग की थी लेकिन तत्कालीन सरकार ने उनकी मांग पर ध्यान नहीं दिया। हमने 4.5 साल में 2 लाख 30 हज़ार से ज़्यादा बुलेट प्रूफ जैकेट ख़रीदे हैं। पहले की सरकार ने सेना को अपनी कमाई का साधन बना लिया था। सेना से जुड़े तमाम भ्रष्टाचार के मामलों की जांच का एक ही परिवार तक पहुंचना बहुत कुछ कहता है। हमारी सरकार सेना को मज़बूत करने के लिए अत्याधुनिक एअरक्राफ्ट, हथियारों, पनडुब्बियों और जहाजों से युक्त कर रही है। राष्ट्रहित को दरकिनार कर जो फैसले की दशकों से रुके हुए थे, उन्हें अब लगातार प्राथमिकता के आधार पर लिया जा रहा है। सेना के लिए हाल ही में सरकार ने 72 हज़ार आधुनिक राइफल की ख़रीद का आदेश दिया है। 25 हज़ार करोड़ रुपए का गोला बारूद ख़रीदा है।


सेना को आत्मनिर्भर बनाने के लिए भी हम लगातार काम रहे हैं। सेना का पूरा पर्यावरण हमने बदल दिया है। रक्षा क्षेत्र में हमने विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने का काम किया है। कुछ क्षेत्रों में शत् प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश को लागू किया गया है। अब तीन गुना ज़्यादा निजी कंपनियां रक्षा उपकरण बना रही हैं। अब हमारी सेवाएं बग़ैर किसी ऑब्जेकशन के निजी क्षेत्रों से ख़रीद सकती हैं।


हमने वन रैंक वन पेंशन के संकल्प को पूरा किया है। अब तक 35 हज़ार करोड़ रुपए वितरित किए जा चुके हैं। सरकार का पेंशन बजट 1 लाख 12 हज़ार करोड़ रुपए से ज़्यादा हो गया है। अब प्राकृतिक आपदाओं में घायल या शहीद सैनिकों का परिवार भी पेंशन का हक़दार होगा।

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