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बोत्सवाना में रहस्यमयी तरीके से सैकड़ों ‘हाथियों’ की मौत

दक्षिण अफ्रीफा में स्थित देश बोत्सवाना में पिछले दो महीने के दौरान 350 हाथियों हाथियों के शव बरामद हुए है। हाथियों की रहस्यमयी मौतों ने सभी को हैरान कर दिया है।

-Govind Pratap Singh


पिछले साल भी दो महीनों (अक्टूबर-नवम्बर) के अंतराल में लगभग 100 हाथियों की मौत हो गयी थी, हालांकि जांच में यह सामने आया था कि उनमें एंथ्रेक्स नाम के संक्रामक रोग के लक्षण पाए गए थे. जिसमें कि भयंकर सूखे के समय हाथी चरते समय घास के साथ मिट्टी खा लेते है, जिसकी वजह से वे बैक्टीरिया के संपर्क में आ जाते हैं. एंथ्रेक्स एक गंभीर संक्रामक रोग है, जो बेसिलस एन्थ्रेसिस नाम के बैक्टीरिया से फैलता है.


एन्थ्रेसिस नामक बैक्टीरिया

अफ्रीकी देश बोत्सवाना को विश्व भर के लोग या तो हाथियों के लिए जानते हैं या फिर हीरे की खदानों के लिए. माना जाता है कि यहाँ पर दुनिया में हाथियों की सबसे बड़ी आबादी रहती है! लगभग एक लाख तीस हज़ार. लेकिन बुरी खबर यह है कि, पिछले दो महीनें के दौरान ही उत्तरी बोत्सवाना में 350 से अधिक हाथियों की रहस्यमयी तरीके से मौत हो गई है.


द गार्जियन की एक ख़बर के मुताबिक-

सामूहिक रूप में हाथियों की मौत की ख़बर सबसे पहले ओकवांगा डेल्टा में, मई महीनें में सामने आई थी, जहाँ पर लगभग 169 हाथियों की मौत हो गयी थी. जबकि मध्य जून आते-आते यह संख्या लगभग दोगुनी हो चुकी थी.

द गार्जियन से बातचीत में, ब्रिटेन स्थित चैरिटी नेशनल पार्क रेस्क्यू में कंजर्वेशन के निदेशक डॉ निअल मैक्केन ने कहा," मौतों का यह स्तर बड़े पैमाने पर है. यदि सूखे के कारण को हटा दे तो ऐसा मैंने लंबे समय में नहीं देखा है. न ही अभी तक मैं इन मौतों के कारण को समझ पा रहा हूँ, जो कि महत्वपूर्ण रहे हों”.


वहीं बोत्सवाना सरकार ने जब तक नमूनों का परीक्षण नहीं हो जाता तब इस बारे में कोई जानकारी नहीं है कि मौतों का कारण क्या है? या क्या वे मानव स्वास्थ्य के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं?

इस मामले में दो मुख्य संभावनाएं उभर कर सामने आ रही है, एक -विषाक्तता या दूसरा- कोई अज्ञात रोगजनक बैक्टीरिया. हालांकि एंथ्रेक्स- शुरू में सबसे संभावित कारण माना जाता है, लेकिन प्रथम दृष्टया इस बात को खारिज कर दिया गया है. पिछले साल भी दो महीनों (अक्टूबर-नवम्बर) के अंतराल में लगभग 100 हाथियों की मौत हो गयी थी, जिसमें जांच में यह सामने आया था कि उनमें ‘एंथ्रेक्स नाम के संक्रामक रोग के लक्षण पाए गए थे. एंथ्रेक्स एक गंभीर संक्रामक रोग है जो बेसिलस एन्थ्रेसिस नाम के बैक्टीरिया से फैलता है.’

स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने कुछ दिन पहले हाथियों को एक साथ गोल-गोल घूमते हुए देखा था, जो कि हाथियों में न्यूरोलॉजिकल समस्या के संकेत है. मैक्केन ने कहा " शव ऐसी अवस्था में हैं, जैसे लगता है कि वे खड़े-खड़े ही गिरे और मर गए. जबकि कुछ हाथियों के शव देख कर लगता है कि उनकी मौत धीरे-धीरे हुई है. इसलिए यह कहना बहुत मुश्किल है कि यह टॉक्सिन क्या है?

स्थानीय रिपोर्ट में पाया गया कि डेल्टा में सभी उम्र के और दोनों लिंग के हाथी मर रहे हैं. कई हाथी अभी भी जीवित है, लेकिन वे काफी कमजोर नज़र आ रहे हैं. कहा ये जा रहा है कि आने वाले हफ्तों में उनकी भी मौत हो सकती है.



पहले अंदाजा लगाया जा रहा था कि हाथियों की मौत के पीछे शिकारियों द्वारा ज़हर दिया जाना कारण हो सकता है. क्योंकि जिम्बाब्वे में इस तरह की घटना हो चुकी है. लेकिन बोत्सवाना में हाथियों की लाशों पर बैठे गिद्धों में अस्वस्थता के चिन्ह नहीं दिखे हैं. इसके चलते सीधे ज़हर दिए जाने की संभावना कम बताई जा रही है. ओकवांगा डेल्टा में लगभग 70 प्रतिशत हाथियों के शव डेल्टा में बने जल स्रोतों के आस-पास ही पाए गए है. इससे इस बात की संभावना जताई जा रही है कि पानी में किसी प्रकार का ज़हरीला प्रदूषण या अन्य कारण हो सकता है. कुछ लोग किसी खास किस्म की बीमारी की बात कह रहे है.

हालांकि Covid-19 एक संभावित कारण हो सकता है, लेकिन संभावना को रिपोर्ट आने तक़ स्वीकार नहीं किया जा सकता है. अभी तक मरे हुए हाथियों के दाँत नहीं हटाए गए हैं, लेकिन अधिकारियों से शवों की रखवाली करने का आग्रह किया है ताकि शिकारी उनके डांट न ले जा पाएं. वहीं पड़ोसी देशों में हाथियों की मौत की कोई खबर नहीं है.



बोत्सवाना के वन्यजीव और राष्ट्रीय उद्यान विभाग के कार्यवाहक निदेशक डॉ सिरिल ताओलो ने द गार्जियन से कहा,कि "हम उन हाथियों के बारे में जानते हैं जो मर रहे हैं. हमनें 350 जानवरों में से 280 जानवरों के मरे होने की पुष्टि की है और शवों को खोजे जाने की प्रक्रिया अभी भी जारी है. उन्होंने कहा, "हमने परीक्षण के लिए नमूने भेजे हैं और हम अगले कुछ हफ्तों में परिणामों की उम्मीद कर रहे हैं. "Covid-19 के दौर में दुनिया भर में किसी ने नमूनों के ट्रांसपोर्टेशन में मदद नहीं की है. परन्तु अब हम उबर रहे हैं और यही कारण है कि अब हम नमूनों को अन्य प्रयोगशालाओं में भेजने की स्थिति में हैं. हालांकि ताओलो ने बताने से मना कर दिया कि नमूनों को किन प्रयोगशालाओं में भेजा गया है.



ओकवांगो डेल्टा में करीब 15 हजार हाथी हैं, जो पूरे देश के कुल हाथियों का 10 फीसद हैं। बोत्सवाना का इको-टूरिज़्म, हीरे के बाद अकेले सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 10-12% के बीच योगदान देता है. यानि कि हाथी इस देश की संपत्ति के रूप में हैं.

“ये हाथी, ओकावांगो डेल्टा के आसपास भटकने वाले हीरे के समान हैं. यह एक संरक्षण आपदा है, जिसमें एक देश अपने सबसे मूल्यवान संसाधन की रक्षा करने में विफल हो रहा है.”


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