• Newziya

जन्मदिन विशेषः वो सितारवादक जिन्होंने अंतर्राष्ट्रीय मंच पर भारतीय संगीत को ख्याति दिलाई

विश्व विख्यात सितार वादक भारत रत्न पंडित रवि शंकर जी का आज 100वां जन्मदिन है। जन्मदिन के विशेष मौके पर हम पंडित रवि शंकर जी की जिन्दगी के तमाम पहलुओं को प्रस्तुत करने जा रहे हैं...

पंडित रविशंकर प्रसाद (तस्वीर साभार : इंटरनेट)

पंडित रविशंकर प्रसाद जी का जन्म 7 अप्रैल 1920 को पश्चिम बंगाल के एक ब्राम्हण परिवार में हुआ था। पंडित जी के पिता एक प्रख्यात वकिल थे। वे मात्र 10 वर्ष की उम्र में फ्रांस के पेरिस चले गए। उनके बड़े भाई उदय शंकर एक प्रसिद्ध नर्तक थे। पंडित वे अपने भाई के लिए सितार बजाने का काम करते थे।


पंडित रविशंकर अलाउद्दीन खान से सितार बजाने की शिक्षा लेना प्रारंभ किया।प्रशिक्षण पूरा करने के बाद पंडित जी ऑल इंडिया रेडियो में काम करने लगे। इस दौरान वे रेडियो के संगीत निर्देशक भी बन गए।


पंडित जी के संगीत की ख्याति भारत ही में ही नहीं बल्कि विदेशों तक जा पहुंची। सन 1953 में सोवियत संघ में कार्यक्रम किए फिर सन 1956 में एक कार्यक्रम करने पश्चिम गए। उन्होंने एडिनबर्ग फेस्टिवल और रॉयल फेस्टिवल में अपने बेहतरिन प्रदर्शन से विदेशों में भी अपना लोहा मनवाया।


वे कनाडा, यूरोप और अमेरिका के फिल्म जगत से भी जुड़े रहे। उन्होंने संगीत समूह 'बीटल्स' के जार्ज हैरिसन को भी सितार बजाना सिखाया. पंडित जी को फिल्म 'गांधी' में उम्दा संगीत के लिए एकेडमी अवार्ड से नवाजा गया था। उन्होंने अमेरिकन संगीतकार फिलिप ग्लास और ओरियन के लिए भी काम किया था। उन्हें 14 डॉक्टरेट और दुनिया भर की कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। वे अमेरिकी संगीतकारों के अंतर्राष्ट्रीय मंच से भी जुड़े रहे।


सांस लेने में परेशानी की वजह से पंडित रविशंकर 92 वर्ष की आयु में सैन डिएगो में दुनिया को अलविदा कह गए। उन्हें श्वसन संबंधित रोग था जिसका इलाज स्क्रिप्स मेमोरियल अस्पताल में चल रहा था। 'रविशंकर फाउंडेशन' के मुताबिक रविशंकर जी काफी समय से श्वसन रोग से पीड़ित थे। जिसके चलते हार्ट वाल्व बदलने की सर्जरी हुई थी। सर्जरी सफल भी रही लेकिन 92 वर्ष की उम्र में ऐसे रोग से रिकवर हो पाना नामुमकिन रहा।


पश्चिम के देशों में भारतीय लोक संगीत को प्रसिद्धी दिलाने का श्रेय केवल पंडित रवि शंकर जी को ही जाता है। वे शास्त्रीय संगीत को अंतर्राष्ट्रीय कलाकारों और श्रोताओं के मध्य ले गए। पंडित रविशंकर के बाद संगीत का विरासत उनकी पत्नी सुकन्या राजन, बेटी अनुष्का शंकर व बेटे नोरा जोन्स संभाल रहे हैं।



Varanasi city Bollywood UP News, Sitar maestro Ravishankar, Ravishankar 100 Birthday

©Newziya 2019, New Delhi.