• Vishwajeet Maurya

आज मनाया गया विश्व अस्थमा दिवस -

वर्ष 1998 से ही मई महीने के पहले मंगलवार को पूरे विश्व में विश्व अस्थमा दिवस मनाया जाता है। जिसका उद्देश्य लोगों को अस्थमा बीमारी के बारे में बता कर उनको जागरूक करना है। एक अनुमानित आंकड़े के मुताबिक भारत में लगभग 15 करोड़ से भी ज्यादा अस्थमा के रोगी है जिसमे से 12 प्रतिशत शिशु हैं।



अस्थमा होने के कारण -


आज के इस दौर में जहाँ भारत समेत पूरे विश्व में सभी की जीवन शैली में बहुत तेज़ी से बदलाव हो रहा है। औधोगिकरण कुछ इस रफ्तार से बढ़ रहा कि गाँव शहर में बदल रहा जिससे खाली मैदान लगभग खत्म होने के कगार पर है। जगह-जगह कंस्ट्रक्शन के कामों से हर जगह नई इमारतों फैक्ट्रियो, सड़को के निर्माण से, वाहनों की संख्या में बेरोक वृद्धि से धूल और धुंए ने शुद्ध पर्यावरण को निगल सा लिया है जो कि सभी के लिए बेहद खतरनाक साबित हो रही है।


तकनीकी युग में खाली मैदानों के खत्म होने से आज दिन युवाओं को आउट डोर गेम्स लगभग नाम मात्र खेलने को मिलता है। दिन पर दिन इन डोर गेम्स का चलन बढ़ते जा रहा है और यही सब कारण युवाओं को अस्थमा का मरीज बना रहा है। अगर जल्दी ही हम एक संतुलित जीवन शैली का चुनाव नही करेंगे तो यह दिन प्रतिदिन बढ़ता ही जाएगा ।



अस्थमा से बचाव के टिप्स-


  • अलग–अलग लोगों में दमा के दौरे के कारण भिन्न हो सकते हैं इसलिए सबसे आवश्यक बात यह है कि आप अपनी स्थितियों को समझें।

  • ज्या‍दा गर्म और नम वातावरण में मोल्ड स्पोर्स के फैलने की सम्भावना अधिक होती है इसलिए ऐसे वातावरण से बचें।

  • आंधी और तूफान के समय घर से बाहर ना निकलें ।

  • अस्थमा को नियंत्रित रखें और अपनी दवाएं हमेशा साथ रखें ।

  • हो सके तो अपने पास स्कार्फ रखें जिससे आप हवा के साथ आने वाले पालेन से बच सकें ।

  • घर के अंदर किसी प्रकार का धुंआ ना फैलने दें।



-Vishwajeet Maurya

0 views

©Newziya 2019, New Delhi.